बिजनौर, मई 24 -- नजीबाबाद। सालाना मजलिसों के तीसरे दिन भी दूर दराज से आये मौलाना ने करबला के शहीदो को याद करते हुए खिताब किया। उन्होने कहा कि यजीद के सामने इमाम हुसैन नहीं झुके उन्होंने इंसानियत की मिसाल कायम कर दुनिया को मोहब्बत का पैगाम दिया। जोगीरम्पुरी स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाहे आलिया नज्फे हिन्द पर तीसरे दिन भी मजलिसों का सिलसिला जारी रहा। मौलाना कमाल ताहिर बिजनौरी, दिल्ली से मौलाना हसन कुमेली, मौलाना अज़ादार हुसैन, मौलाना कलबे अब्बास इस्तेहादी मस्कत, मौलाना शबाब नक़वी सिरसी, मौलाना अथर अब्बास मुज़फ्फरनगर, मौलाना रज़ा हुसैन रिज़वी लखनऊ, मौलाना गुलाम रसूल कश्मीर, मौलाना शब्बीर वारसी कलकत्ता ने खिताब किया। नौजवान इल्म कै मैदान मे ऊंचे मुकाम पर पहुचे मौलाना हसन कुमैलीं दिल्ली ने कहा कि ये दौर है जो कौम इल्म कै मैदान मे आगे बढ़ेगी वही तरक्की ...
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