बलिया, दिसम्बर 31 -- सिकंदरपुर। क्षेत्र के सरयू नदी के किनारे स्थित परमधाम डूहा विहरा में ब्रह्मलीन संत स्वामी ईश्वरदास ब्रह्मचारी महाराज 'मौनी बाबा' की प्रथम पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित अखंड अष्टायाम पूर्णाहुति मंगलवार को हुई। संकीर्तन में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने गुरु का स्मरण एवं हरिनाम संकीर्तन के जरिए श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि मौनी बाबा मंगलमयी मानवता के सजग प्रहरी तथा सच्चे राष्ट्रभक्त थे। उनकी राष्ट्रभक्ति का भाव उनके रचित काव्य ग्रन्थ 'श्री सरस्वती चरितामृत' में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। इसमें उन्होंने भारतवर्ष को समुन्नत एवं विश्व में अद्वितीय बताया है। संकीर्तन के बाद नव-निर्मित समाधि-मन्दिर में पं. सर्वेश तिवारी के आचार्यत्व में वैदिक विधि-विधान से गुरुपादुका पूजन, आरती एवं स्तुति की ...