इटावा औरैया, जनवरी 30 -- इटावा, संवाददाता। मौनी अमावस्या का पर्व बुधवार को श्रद्धाभाव के साथ परंपरागत ढंग से मनाया गया। महाकुंभ के चलते प्रयागराज में संगम तट पर जहां आस्था का सैलाब उमड़ा रहा वही चतुर्दिक वाहिनी यमुना किनारे के घाट श्रद्धालुओं के न पहुंचने से सन्नाटे में डूबे रहे। मौनी अमावस्या पर पावन नदियों में स्नान का प्रमुख महत्व होता है इस लिये लोगों ने अपने घरों में ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान किया और मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना कर दान पुण्य किया। वही हिंदू घरों में धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। माघ महीने में स्नान और दान का विशेष महत्व होता है इस महीने में भगवान श्रीकृष्ण भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है। सभी महीनों में माघ महीने को काफी पवित्र माना जाता है। 21 जनवरी से माघ महीना शुरू हुआ है माघी पूर्णिमा के साथ संपन्न...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.