बिजनौर, जून 27 -- बिजनौर। टंडेरा गांव के पुखराज की जान तो बच गई, लेकिन जिंदगी अब उसके लिए किसी सजा से कम नहीं है। पत्नी रमेशिया और दो बेटियों शीतू व अनीता की मौत का सदमा उसके दिल में बैठ गया है। साथ ही सूदखोरों का लाखों का कर्ज अब भी उसके सिर पर है। उम्र की इस दहलीज पर आकर पुखराज के सामने सिर्फ गम ही दिखाई दे रहा है। जहरीला पदार्थ खान से पत्नी व दो बेटियों की मौत हो चुकी है। वहीं मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती पुखराज की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है। गांव वाले का कहना है कि पुखराज सारी जिन्दगी इस गम को नहीं भूल पाएगा। हालात सामान्य होने पर कर्जदाता फिर से उसकी दहलीज पर आने लगेंगे। प्रशासन को सूदखोरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। साथ ही पुखराज जैसे लोगों के लिए कर्जमाफी और आर्थिक पुनर्वास की योजना बनाई जाए, वरना हर गांव में ऐसे किस्से आम...
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