शामली, फरवरी 12 -- कैराना के मलकपुर गांव में जिस नवजात का गला घोट बोरे में बंद कर कुरड़ी के ढ़ेर पर फेंक दिया था। उस जांबाज नन्हीं परी ने मौत से जंग लड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वह अस्पताल में आठ दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ती रही, लेकिन आखिर में बेरहम हालात जीत गए। मेरठ मेडिकल में भर्ती लावारिस नवजात बच्ची की देर रात मौत हो गयी। आठ दिन तक बहादुरी के साथ मौत का डटकर मुकाबला करने वाली जांबाज तो चली गयी, लेकिन समाज में उम्रभर के लिए सवाल छोड़ गयी। गत चार फरवरी की शाम कैराना के गांव मलकपुर में कुरड़ी के ढ़ेर पर बोरे में बंद मिली नवजात ने गत दिवस मेरठ मेडिकल में दम तोड़ दिया। नवाजात को एक ग्रामीण ने इंसानियत दिखाते हुए कैराना में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को सूचना दी। नवजात का गला कपड़े की करतन से घुटा था। ग...