बदायूं, नवम्बर 11 -- सहसवान, संवाददाता। लकड़ी से भरी ट्रॉली में पीछे से घुसी बाइक तो पलभर में साले-बहनोई की जान चली गई। घर से कुछ ही घंटे पहले खाए गए निवाले, कही गई बातें और रुकने की नसीहत अब पछतावे में बदल चुकी हैं। परिवार की आंखों में सिर्फ एक ही सवाल है काश वो रुक जाते तो शायद उनकी जान बच जाती लेकिन अब तो उनकी यादें ही बाकी रह गई हैं। सहसवान कोतवाली क्षेत्र के जहांगीराबाद मोहल्ले के रहने वाले अंकित के फूफा रामस्वरूप ने बताया कि मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव गिधौल के रहने वाले उनकी पत्नी रामवती के भतीजे 23 वर्षीय अंकित पुत्र राजेंद्र और अपने साले बुलंदशहर जिले के नरौरा नई बस्ती के रहने वाले अपने साले 20 वर्षीय भूदेव पुत्र धर्मपाल के साथ सोमवार को बाइक से उनके घर आए थे। दोनों ने दिनभर हंसी-मजाक किया, खाना खाया इसी दौरान शाम हो गई तो घर वा...