मुजफ्फरपुर, फरवरी 13 -- मुजफ्फरपुर, हिप्र। आपराधिक मामलों में आरोपित की मृत्य होने के बाद उसका नाम हटा दिया जाता है। इसके बाद कोर्ट में उसके विरुद्ध चल रही कार्यवाही को बंद कर दिया जाता है। इसके लिए पुलिस कोर्ट में रिपोर्ट सौंपती है। इसमें आरोपित का मृत्यु प्रमाण पत्र, उसके परिजनों व आसपास के लोगों की गवाही रहती है। मुजफ्फरपुर के विभिन्न कोर्ट में चल रहे कई मामले में 102 आरोपितों की मौत हो चुकी है। लेकिन, इसकी रिपोर्ट पुलिस की ओर से कोर्ट में नहीं सौंपी गई है। इससे उनके विरुद्ध कोर्ट में कार्यवाही अब भी चल रही है। पिछले दिनों डीजीपी की समीक्षा में यह चूक सामने आई थी। डीजीपी ने ऐसे मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर संबंधित कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2002 में औराई थ...
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