सहारनपुर, अक्टूबर 12 -- सहारनपुर। मुस्लिम समाज में पनप रहे गैर इस्लामी रिवाज पर जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक कारी इस्हाक गोरा ने रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मौत के बाद जिस तरह लोगों ने खाने-पीने को एक दिखावे और रस्म का रूप दिया है वह गैर शरई है। कारी इस्हाक गोरा ने रविवार को मीडिया में बयान जारी करते हुए इस रिवाज पर अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में दफन के बाद लोग मरहूम के घर लौटकर खाने पर टूट पड़ते हैं, जबकि उस घर के लोग गम और सदमे में होते हैं। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं खाने की तारीफ तक होने लगी है। मुसलमानों को चाहिए कि वो इन बनावटी रस्मों को छोड़कर सुन्नत-ए-नबवी पर अमल करें। उन्होंने कहाकि जिस घर में गमी हो वहां खाना पहुंचाना इस्लाम में सुन्नत है।
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