रांची, जुलाई 20 -- मां, पिता और छोटे भाई की हत्या करने में मिली फांसी की सजा को हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया है। रांची सिविल कोर्ट ने नीतेश साहू को 13 जुलाई 2018 को फांसी की सजा सुनायी थी। सरकार ने इस सजा को पुष्ट कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश में संशोधन कर मौत की सजा को उम्र कैद में तब्दील कर दिया और इस घटना को रेयरेस्ट ऑफ रेयर नहीं माना। निचली अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा था की ऐसा कृत्य करने वाले को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। मां पिता और छोटे भाई की हत्या की कोई छोटी घटना नहीं है। ऐसे व्यक्ति पर दया नहीं दिखाई जा सकती है। घटना 12 जुलाई 2014 की रात की है। मामूली विवाद में इस जघन्य अपराध की घटना को अंजाम दिया गया था। 12 जुलाई 2014 को नीतेश साहू भोजन कर रहा था। उस ...
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