गंगापार, फरवरी 8 -- जसरा में शनिवार को ओम ब्रह्म दरबार साधना केंद्र का दरबार संत जय ने लगाया। दरबार में लोग उपस्थित हुए। संत जय ने बताया कि ईश्वर को मन में जगह देने मात्र से कष्ट दूर हो जाते हैं। इसके लिए हमें हर तरह के मोह माया से दूर होकर ईश्वर की शरण में जाना होगा। हमें सुख की तरह दु:ख में भी ईश्वर को नहीं भूलना चाहिए। आज कल की युवा पीढ़ी से मैं यही कहना चाहूंगा कि माता पिता की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। कार्यक्रम की शुरुआत में जसरा के भक्त ने संतान प्राप्ति के बाद गाजे बाजे के साथ निशान चढ़ाया। संचालन ज्ञानेंद्र पंडित ने किया।

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