गंगापार, जुलाई 6 -- इंसाफ, बलिदान, संघर्ष, समर्पण और मानवता का संदेश देने वाला प्रमुख मोहर्रम का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए क्षेत्र के कई गांवों से ताजिये निकाले गए। हथिगन से ताजिये का जुलूस करमा शहीद चौराहे पहुंचा जहां उनका मिलान बरौली व राजापुर के ताजिये से हुआ। सभी ताजिये अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए पुरानी बैल बाजार मैदान में पहुंचे। वहां उभारी, चकघनश्याम दास व मुरादपुर से आने वाले ताजियों के साथ सभी मिलकर विभिन्न करतब दिखाते हुए वापस गये। इस अवसर पर लगने वाले मेले में लोगों ने आवश्यक खरीदारी भी किया। ताजिया लेकर आने वाले रास्तों को खाली करा दिया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसओ घूरपुर, चौकी इंचार्ज करमा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।
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