मेरठ, जुलाई 8 -- अशरा-ए-मोहर्रम के दूसरे दिन इमामबारगाह हजरत अबू तालिब लोहियानगर में मजलिस का आयोजन हुआ। मौलाना अम्मार हैदर रिज़वी ने जंग-ए-करबला के बाद का मार्मिक मंजर बयां किया। जुलूस-ए-जुलजनाह, अलम-ए-मुबारक का जुलूस बरामद हुआ। जुलूस ईदगाह से शुरू होकर करबला में समाप्त हुआ। जावेद रजा, अयाज़ हुसैन, हसन ककरौलवी, सफदर अली, शबीह जै़दी और असद रज़ा ने नोहे पढ़े, जबकि अंजुमन ज़ुल्फिकार-ए-हैदरी और अन्य अंजुमन के नौहेख्वानों ने नौहे पढ़कर शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। मौलाना गुलाम अब्बास ने तकरीर में हजरत इमाम हुसैन की शहादत का मकसद बयां किया। जुलूस की व्यवस्था अज़मत अली, जुल्फिकार अली, अफसर अली, मुसर्रत अली, जावेद और गुड्डू ने संभाली। मोहर्रम कमेटी संयोजक अलहाज सैयद शाह अब्बास सफवी, मीडिया प्रभारी अली हैदर रिज़वी, हैदर अब्बास रिजवी, शाहिद हुसैन, जफ...
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