लखनऊ, अगस्त 25 -- लखनऊ, कार्यालय संवादादता नबी पाक की जिन्दगी तमाम इंसानों के लिए मार्गदर्शक है, वह सारे जहां के लिए रहमत बनाकर भेजे गए। उन्होंने पूरी दुनिया को तौहीद व रिसालत और अमन व सलामती का पैगाम दिया। सहाबाक्राम की जमाअत इस्लाम से पहले जिहालत व गुमराही की जिन्दगी गुजार रही थी। पैगम्बर साहब के फैज से वह दुनिया की एक काबिल-ए-तकलीद जमाअत बन गयी। ये बातें इमाम ईदगाह लखनऊ मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने इस्लामिक सेन्टर आफ इण्डिया के अन्तर्गत दारूल उलूम फरंगी महल में जलसा सीरतुन्नबी व सीरते सहाबा व तहफ्फुजे शरीअत में कही। मौलाना ने कहा कि खुदा पाक ने अपने अन्तिम रसूल नबी पाक को सारी दुनिया के लिए रहमत बनाकर भेजा। आप की लाई हुई शरीअत खुदा पाक की आखिरी शरीअत है। अब कयामत तक कोई नई शरीअत नही आयेगी। इसी क्रम में मस्जिद एक मिनारा में भी सालाना...
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