कानपुर, नवम्बर 4 -- कानपुर। प्रमुख संवाददाता राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के पूर्व निदेशक व भारतीय शर्करा एवं जैव-ऊर्जा संघ के सलाहकार प्रो. नरेंद्र मोहन 9 से 12 फरवरी 2026 के बीच मोरक्को (अफ्रीका) के माराकेश में आयोजित 26वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यहां प्रो. मोहन चीनी उत्पादन में जल संरक्षण के महत्व के सत्र की अध्यक्षता करेंगे। वे चीनी मिलों को शून्य ताजे पानी की खपत के साथ संचालित करने और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज के लिए विकसित तकनीक की प्रस्तुति देंगे। यह मॉडल उत्तर प्रदेश की कुछ चीनी मिलों में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। यह तकनीक अपशिष्ट जल के शुद्धिकरण के लिए विभिन्न तकनीकों का एक विशिष्ट संयोजन है, जिसमें जैविक अल्ट्राफिल्ट्रेशन, रिवर्स ऑस्मोसिस और अल्ट्रा वायलेट तकनीकें शामिल हैं।
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