समस्तीपुर, मई 9 -- समस्तीपुर। जिले में करीब पांच हजार युवा मोबाइल मरम्मत की छोटी-मोटी दुकान चलाकर अपना जीवन यापन करते हैं। इनमें से अधिकतर युवाओं ने यूट्यूब से मोबाइल रिपेयरिंग का काम सीखा है। इनके पास ब्रांडेड मोबाइल की रिपेयरिंग का प्रशिक्षण नहीं है। इस कारण इन्हें अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इनका कहना है कि दुकान खोलने के लिए जब भी लोन के लिए बैंक जाते हैं तो इनकार कर दिया जाता है। दुकान मालिक भी मोटी रकम पगड़ी के रूप में मांगता है। जिला प्रशासन को लोन दिलाने के लिए मोबाइल मरममत के लिए समय-समय पर विशेष शिविर का आयोजन करना चाहिए। छोटे कस्बों और गांवों में भी मोबाइल मैकेनिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अधिकतर युवा बेरोजगार या स्कूल-कॉलेज से ड्रॉपआउट हैं, जो तकनीकी रुचि के कारण इस क्षेत्र में आते हैं। इनके पास न तो कोई डिग्री हो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.