बस्ती, फरवरी 6 -- बस्ती, हिन्दुस्तान टीम। गाजियाबाद में गेमिंग की लत में पड़कर तीन नाबालिग बहनों के सुसाइड की घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है। हर हाथो में मोबाइल और इंटरनेट की पहुंच के साथ ही सोशल नेटवर्क का दायरा बढ़ता जा रहा है। शिक्षाविद सिद्धार्थ पांडेय कहते हैं कि छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाने से पहले मोबाइल ऑपरेट करना सीख जा रहे हैं। कार्टून देखने से शुरू होने वाला उनका यह सफर कब गेमिंग की लत में तब्दील हो जाता है, इसकी भनक तक अभिभावकों को नहीं लग पाती है। बदलते सामाजिक परिवेश का असर साफ तौर से बच्चों की मानसिकता पर नजर आने लगा है। थानों पर भी इस तरह की घटनाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। गेमिंग की लत में पड़कर बच्चे माता-पिता की मेहनत से कमाई पूंजी को भी गंवाने से नहीं चूकते हैं। मोबाइल का प्रयोग करने से टोकने पर घर छोड़कर ...