अररिया, नवम्बर 15 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। फारबिसगंज विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी विद्यासागर केसरी की अप्रत्याशित हार ने पार्टी कार्यकर्ताओं के मन में गहरी पीड़ा छोड़ दी है। यह हार सिर्फ एक उम्मीदवार की हार नहीं मानी जा रही, बल्कि उस राजनीतिक परंपरा के टूटने की कसक है, जिसमें पिछले 30 वर्षों से फारबिसगंज भाजपा की 'सुरक्षित प्रयोगशाला' माना जाता था। इस बार चिंता इसलिए और गहरी है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं यहां आकर चुनावी जनसभा को संबोधित किया था। 6 नवंबर को हुए इस विशाल कार्यक्रम को भाजपा ने जीत की गारंटी माना था। उससे पहले आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी फारबिसगंज एयरपोर्ट पर उतरकर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर चुके थे। मोदी-शाह जैसे शीर्ष नेताओं की मौजूदगी के बाद भी भाजपा की हार ने का...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.