रांची, फरवरी 20 -- रांची। गोस्सनर कॉलेज में जंतु विज्ञान विभाग और आईक्यूएसी की ओर से गुरुवार को फ्रेशवाटर पर्ल कल्चर पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संसाधन सेवी संत जेवियर कॉलेज के डॉ रितेश शुक्ला ने कहा कि मोती संवर्धन आजीविका का नया स्रोत है। मोती पालन सबसे किफायती है। कम से कम क्षेत्र में उत्पादन कर लोग आर्थिक स्थिति में परिवर्तन ला सकते हैं। प्रो इलानी पूर्ति, प्रो प्रवीन सुरीन, प्रो आमोस टोपनो, प्रो अमित कुमार, प्रो दिनेश प्रसाद, प्रो अभिषेक टोपनो मौजूद थे।
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