जौनपुर, फरवरी 4 -- जफराबाद, हिन्दुस्तान संवाद। भागवत कथा मनुष्य को मोह-माया से मुक्ति की प्रेरणा देती है। राजा परीक्षित ने मृत्यु का भय होने के बावजूद अपना सर्वस्व त्याग कर मोक्ष का मार्ग चुना। यह बातें मंगलवार को क्षेत्र के तालामझवारा पड़ान में शारदा प्रसाद पाण्डेय के आवास परिसर में चल सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ महापुराण के दूसरे दिन काशी से पधारे कथावाचक पं. निलेश महाराज वेंकटेश ने कही। उन्होंने कहा कि भागवत कथा वह कल्पवृक्ष है जिसके आश्रय में आने वाले हर जीव का कल्याण निश्चित है। धुंधुकारी जैसे पापी का उद्धार भी भागवत कथा से संभव हुआ। गलत संगत जीवन को नरक बना देती है। आज के समय में संतान को धन से ज्यादा संस्कार देने की आवश्यकता है। जहां भक्ति होती है, वहां ज्ञान और वैराग्य स्वतः ही युवा हो जाते हैं। कथा श्रवण मात्र ...