सहरसा, दिसम्बर 20 -- सहरसा, हमारे प्रतिनिधि। सूबे का पहला मॉडल हॉस्पिटल कहे जाने वाला यह अस्पताल इन दिनों अपनी बदहाल व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में है। मरीज सुविधा के नाम पर यहां सिर्फ खानापूर्ति होती नजर आ रही है। दीवारों में दरार, जगह - जगह सीलन और अब बिजली व्यवस्था की जर्जर हालत ने अस्पताल प्रबंधन की पोल खोल दी है। हालत यह है कि मरीज के इलाज के लिए परिजनों को खुद जोखिम उठाना पड़ रहा है। अस्पताल में इलाज कराने आए लोग अब खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं, क्योंकि बुनियादी सुविधाएं तक ठीक से उपलब्ध नहीं हैं। गुरुवार की रात सिमरी बख्तियारपुर से सीने में दर्द की शिकायत लेकर मो नौशाद को इस मॉडल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टर ने उन्हें नेबुलाइज देने की सलाह दी। डॉक्टर के निर्देश पर अस्पताल कर्मियों ने परिजनों को ने...