उरई, दिसम्बर 29 -- उरई। झांसी-कानपुर रेलमार्ग पर खुले लाइन किनारे के एरिया को मैटल फिसिंग से कवर किया जा रहा है। यह काम एक साल पहले से चल रहा है। पर यह सुस्त पड़ा है। सेक्शन में केवल इमिलिया से भुआ तक काम हुआ है। इस तरह से 40 से 50 फीसदी ही काम हो पाया है। पिरौना से एट के अलावा कानपुर एंड में भी कई जगह कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इसके पीछे ठेकेदार आएदिन बहाना बनाते रहते है। कभी लाइन किनारे खेतों में पानी भरे होने की बात कही जाती है तो कभी मैटेरियल की कमी। यही वजह है कि पिरौना से कालपी तक टुकड़ों में ही काम हो पाया है। इस वजह से कारण यह रहता है कि सप्ताह से तीन से चार केस अन्ना मवेशियों के ट्रैक पर आने की वजह से सीआरओ (अन्ना मवेशियों के कटने)की समस्या हो जाती है। इससे टे्रनों की लेटलतीफी हो जाती है। गाड़ियों के लेट हो जाने से रेल यात्रियों को असु...
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