नई दिल्ली, अप्रैल 21 -- नुशरत भरूचा का मानना है कि ईश्वर एक है और उनतक पहुंचने के रास्ते अलग हो सकते हैं। वह नमाज पढ़ती हैं, रोजा रखती हैं और केदारनाथ जाकर नंदी के कान में विश भी मांगती हैं। वह सभी धर्मों को मानती हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि मुस्लिम होकर चर्च जाने या मंदिर जाने पर वह ट्रोलिंग को किस तरह लेती हैं।केदारनाथ में मिला सुकून नुशरत भरूचा मुस्लिम है। वह फिर भी केदारनाथ गईं और ट्रोलिंग झेली। शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर नुशरत ने इसका जवाब दिया, 'मुझे शांति महसूस हुई। इतने लोग थे लेकिन मैं माइंड में शांत हो गई थी। मेरे दिमाग और आत्मा में कोई परेशानी नहीं था। मुझमें उस वक्त एक स्थिरता आ गई थी। इसलिए मैं वहां बैठ गई थी। वहां बहुत आवाज थी लेकिन मुझे हवा की आवाज आ रही थी। मैं इस्लाम को मानती हूं लेकिन शिव मेरे लिए सुकून हैं।...
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