फरीदाबाद, जनवरी 27 -- -सूरजकुंड के आसपास बसी कॉलोनियों में किराये पर मकान लेकर रहते हैँ हस्तशिल्पी व अन्य -रेस्टोरेंट, ढांबों और चाय की रेहड़ियों पर लोगों का ताता लगा रहता है फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेला सिर्फ कला और संस्कृति का उत्सव ही नहीं है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय का बड़ा जरिया भी बनता है। हर साल लगने वाले इस मेले के दौरान जहां देश-विदेश से आए हस्तशिल्पी अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं, वहीं आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की आमदनी में भी खासा इजाफा होता है। मेले में भाग लेने के लिए आने वाले हस्तशिल्पी सूरजकुंड मेला परिसर के आसपास बनी कॉलोनियों में किराये पर मकान लेते हैं। इससे स्थानीय मकान मालिकों को 15 दिनों तक अच्छी-खासी किराये की आय होती है।मकान मालिक एक कमरे का 2000 से 2500 ...
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