प्रयागराज, जनवरी 4 -- प्रयागराज। माघ मास के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर शनिवार को संगम की रेती पर कल्पवास शुरू हो गया। एक माह तक कल्पवासी जप,तप साधना करके आत्मिक शक्ति प्राप्त करेंगे। कल्पवासियों में कुछ ऐसे भी कल्पवासी हैं जो कल्पवास के साथ नियमित रूप से मेला में अपनी ड्यूटी भी निभा रहे हैं। अन्नपूर्णा मार्ग पर कल्पवास कर रहे करछना के जटाशंकर पांडेय मेला में राजस्व निरीक्षक का दायित्व संभाल रहे हैं। लेकिन वे अपने पिता माधव प्रसाद पांडेय के साथ कल्पवास भी करते हैं। स्नान-दान व स्वल्पाहार के बाद ड्यूटी पर चले जाते हैं और शाम को शिविर में आकर पिताजी की सेवा करते हैं। जटा शंकर का कहना है कि कल्पवास का यह भी नियम है कि मेला क्षेत्र में ही प्रवास जरूरी है। वह मैं कर रहा हूं लेकिन अपने शासकीय दायित्व को निष्ठा से निभा रहा हूं। इंटर कॉलेज के...
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