मेरठ, जून 26 -- उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत असाक्षरों एवं वालेंटियरों का सर्वे का कार्य धीमी रफ्तार से चलने को लेकर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण उत्तर प्रदेश लखनऊ असंतोष जाहिर किया है, जिसमें मेरठ मंडल भी शामिल है। इसमें 75 जिलों में केवल दो ही जिलों में कार्य संतोषजनक पाया गया है। वहीं मेरठ मंडल की सर्वे प्रक्रिया बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रही है। शासन द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पूरे मंडल में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में बेहद कम असाक्षरों की पहचान की गई है, जिससे अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। मेरठ जनपद की बात करें तो यहां 15 हजार असाक्षरों की पहचान का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक केवल 68 असाक्षरों और 10 वालिंटियर्स का ही सर्वे किया गया है। इसी प्रकार, पूरे मेरठ मंडल में 48,400 असाक...
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