मेरठ, जनवरी 21 -- समय पर रिजल्ट देने एवं खामियां दूर करने के लिए चौधरी चरण सिंह विवि ने मूल्यांकन व्यवस्था में बदलाव किए हैं। कॉपियों के मूल्यांकन में रेगुलर शिक्षकों को प्राथमिकता देने के साथ ही जवाबदेही तय की गई है। रिजल्ट और चुनौती मूल्यांकन के नंबरों में व्यापक अंतर और पूर्णांक से अधिक नंबर देने जैसे मामलों से निपटने को विवि ने परीक्षकों से लिखित घोषणा अनिवार्य कर दी है। विवि का दावा है कि इस बार परिणाम बीते वर्षों की तुलना में बेहतर होगा। विवि के मुताबिक 15 जुलाई तक इस साल सारे परिणाम जारी कर दिए जाएंगे। विवि के अनुसार मूल्यांकन केंद्रों पर मुख्य विषय और एलाइड विषयों को एक ही जगह रखा गया है। पहले मुख्य विषय एवं एलाइड विषय अलग-अलग केंद्रों पर होने से एक ही शिक्षक के एक ही दिन में दोनों जगह कॉपियों चेक करने की शिकायतें मिलती थी। एक ही ...
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