कानपुर, दिसम्बर 31 -- यूपी के कानपुर में भाजपा पार्षद पवन गुप्त और अंकित मौर्या को नगर निगम सदन की चार बैठकों से निकाले जाने का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पवन गुप्त, अंकित मौर्या के साथ चार और भाजपा पार्षद आ गए हैं। इन पार्षदों ने तय किया है कि वह लोग अब भाजपा में व्याप्त भ्रष्टाचार और हिटलरशाही के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। कहा कि महापौर के बेटे से नगर निगम निगम को मुक्त कराएंगे, तभी भाजपा और नगर निगम बचेगा। 26 दिसंबर को नगर निगम सदन में भाजपा पार्षद पवन गुप्त ने सीवर लाइन डालने की मांग को लेकर अपनी आवाज उठाई थी और पोस्टर लहराए थे। इस मामले को महापौर प्रमिला पांडेय ने अनुशासनहीनता माना। भाजपा क्षेत्र संगठन को पत्र तो लिखा ही, साथ ही पवन गुप्त और अंकित मौर्या को भविष्य में होने वाले चार सदन बैठकों से निष्कासित करने का फैसला करते ...
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