वाराणसी, जनवरी 22 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। आईआईटी और आईएमएस बीएचयू के वैज्ञानिकों ने मेथी से एक ऐसा बायो मैटेरियल तैयार किया है, जो गहरे घावों को भरने में सक्षम होगा। यह पराबैंगनी किरणों से त्वचा को होने वाले नुकसान से भी बचाएगा। शोध दल को अन्वेषण पर पेटेंट के लिए आवेदन किया है। यह अत्याधुनिक तकनीक अब क्लिनिकल परीक्षण की दिशा में अग्रसर है। इस अंतर-विषयी शोध परियोजना का नेतृत्व आईआईटी बीएचयू के डॉ. अवनीश सिंह परमार और आईएमएस बीएचयू के प्रो. वैभव जैन ने किया। टीम द्वारा विकसित यह जैव-संयोजित पदार्थ ऊतक पुनर्जनन को तीव्र करता है। साथ ही इसमें प्रभावी एंटीमाइक्रोबियल गुण भी विद्यमान हैं। इस नवाचार के विकास में युवा शोधकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनमें आईआईटी की पीएमआरएफ फेलो शिखा त्रिपाठी, और पीईसी चंडीगढ़ की डॉ. शिल्पी चौधरी शाम...
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