बदायूं, जून 6 -- उझानी, संवाददाता। कुड़ानरसिंहपुर गांव की मेंथा ऑयल फैक्ट्री में 21 मई को लगी भीषण आग ने मुनेंद्र सिंह को निगल लिया था। हादसे के 16 दिन बाद फैक्ट्री के मलबे से जली हुई हड्डियों के टुकड़े, मोबाइल और घड़ी के अवशेष बरामद हुए हैं। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर इनकी पहचान मुनेंद्र के रूप में की। मुनेंद्र उसी जगह काम कर रहा था जहां से ये अवशेष मिले हैं। मुनेंद्र, बिचौला गांव थाना मुजरिया का रहने वाला था और अपने दो भाइयों के साथ मेंथा ऑयल फैक्ट्री में मजदूरी करता था। आग लगने के समय तीनों भाई फैक्ट्री के अंदर थे, लेकिन मुनेंद्र वापस नहीं लौटा। आग इतनी तेज थी कि 40 घंटे तक कई जिलों से आई दमकल गाड़ियां आग बुझाने में लगी रहीं। तेज आंधी के कारण फैक्ट्री का ढांचा भी गिर गया था। मलबे में दबे होने की आशंका के चलते बचाव कार्य जारी था। गुरुवा...
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