भागलपुर, फरवरी 19 -- भागलपुर, कार्यालय संवाददाता मृदा स्वास्थ्य किसानों के लिए बड़ी समस्या के साथ वैज्ञानिकों के लिए चुनौती है। इस चुनौती से लड़ने के लिए हमारे वैज्ञानिक प्रयास कर रहे हैं। इस समस्या से निजात के निदान पर लगातार काम हो रहा है। यह बातें बिहार कृषि विवि (बीएयू) के कॉन्फ्रेंस हॉल में बुधवार को आईसीअरआईएसएटी के डीजी और पूर्व आईसीएआर डीजी डॉ. हिमांशु पाठक ने कही। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य को जलवायु-स्मार्ट कृषि, कार्बन अवशोषण और टिकाऊ कृषि सघनीकरण से जोड़ते हुए 'लचीलापन' की अवधारणा का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। वे विवि में आयोजित तीन दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। इसका विषय कृषि और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए संसाधन संरक्षण के साथ लचीला मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन' रखा गया था। सम्मेलन का उद्घाटन कुलपत...
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