भदोही, फरवरी 14 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। रासायनिक खाद छिड़काव से उपजाऊ मिट्टी बंजर होती जा रही है। गर्मी के दिनों में मृदा शक्ति बढ़ाने के लिए हरी खाद बोना अत्यंत जरुरी हो गया है। जिन खेतों में हरा खाद बोया जाता है वहां की मृदा शक्ति काफी मजबूत होती है और बेहतर उत्पादन भी होता है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विश्वेंदु द्विवेदी ने की माने तो बढ़ती जनसंख्या से गुणवत्ता युक्त खाद्यान का समानुपातिक उपलब्धता समय की सबसे बड़ी चुनौती है। कृषि जोत का आकार प्रत्येक दिन कम होता जा रहा है। ऐसे में प्रति इकाई कृषि उपज बढ़ाना ही एकमात्र विकल्प रह गया है। सघन कृषि उत्पादन की वजह से कार्बनिक पदार्थों की मात्रा घटती जा रही है। मिट्टी का स्वास्थ बिगड़ता जा रहा है। भूमि उर्वरता एवं उत्पादकता को बढ़ाए रखने के लिए भूमि में सभी पोषक तत्वों की स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.