उन्नाव, मई 9 -- उन्नाव। कृषि विज्ञान केंद्र धौरा में कृषि स्नातक छात्रों को मृदा जांच व प्राकृतिक खेती करने के तरीके बताए गए। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती में पशुपालन की जरूरत को भी समझाया गया। मृदा परीक्षण के बाद प्राकृतिक खेती करने के फायदे भी बताए गए। पशुपालन विशेषज्ञ सुनील सिंह ने छात्रों को केंद्र की कार्यप्रणाली और किसानों तक तकनीकी पहुंचाने के तरीकों की जानकारी दी। मृदा विज्ञान विशेषज्ञ रत्ना सहाय ने मृदा जांच, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती के बारे में जानकारी दी। कृषि में प्रयोग की जा रही नवीन तकनीकों और उत्पादन बढ़ाने के तरीकों को समझाया गया। इसके साथ ही पौध संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. जयकुमार यादव ने आईपीएम तकनीक द्वारा रोग और कीट प्रबंधन की जानकारी दी। छात्रों ने परिसर की सभी इकाइयों का भ्रमण किया। कार्यक्रम में रत्ना सहाय, सुनील, डॉ. जय...
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