लखनऊ, दिसम्बर 23 -- राज्य सरकार मृत बीएलओ को सरकारी कर्मियों की तरह वही सुविधाएं देगी। बीएलओ मौजूदा समय चुनाव आयोग के अधीन काम कर रहा है, इसलिए उनके बारे में निर्णय लेने का अधिकार आयोग के पास है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय एसआईआर का काम चल रहा है। इस काम में सरकारी कर्मियों को बीएलओ की ड्यूटी में लगाया गया है। संविधान में दी गई व्यवस्था के आधार पर मतदाता सूची तैयार की जाती है। निर्वाचन अधिकारी इस काम में किसी भी कर्मी को प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति कर सकता है। इसके आधार पर ही शिक्षकों, लेखपालों व कुछ अन्य कर्मियों को बीएलओ की ड्यूटी पर लगाया गया है। निर्वाचन आयोग के अधीन होते हुए बीएलओ के बारे में किसी भी तरह का फैसला लेने का अधिकार उसके पास है। उन्होंने कहा क...