मुजफ्फरपुर, फरवरी 2 -- मुजफ्फरपुर, प्रसं। मुजफ्फरपुर व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता एसके झा ने कोर्ट में मृत्यु प्रमाणपत्र सौंपे गए फरार दरोगा का गयाजी में श्राद्ध कर्म कराया। अधिवक्ता ने दावा किया कि दारोगा ने उसे चुनौती दी थी कि उसे कभी जीवित साबित नहीं कर पाओगे। इसके बाद मृत्यु प्रमाणपत्र पेश करवाकर दारोगा ट्रेसलेस हो गया था। 14 साल से दारोगा की तलाश की जा रही है। अधिवक्ता ने अपना जेनउ तोड़कर संकल्प लिया था कि मृत दारोगा को जीवित साबित करके रहेगा। इसके बाद ही जेनऊ धारण करेगा। अधिवक्ता ने बताया कि वर्ष 2012 में अहियापुर थाना के नेउरी निवासी शिक्षक अनंत राम पर दुष्कर्म के आरोप केस हुआ था। उस केस के जांच पदाधिकारी उक्त दारोगा को बनाया गया था। दारोगा के अनुसंधान पर शिक्षक अनंत राम को जेल भेज दिया गया। दारोगा ने चार्जशीट दाखिल की, जिसके आधार ...