लखनऊ, नवम्बर 11 -- अपनों को खोने वालों का दर्द सीएमओ कार्यालय की बदइंतजामी बढ़ा रही है। 300 से अधिक मृत्यु प्रमाण-पत्र अटके हैं। सीएमओ कार्यालय से अनुमोदन मिलने में देरी की कारण समस्या गंभीर होती जा रही है। शिकायतों के बावजूद अधिकारी बदइंतजामी को दूर करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। मृत्यु के 21 दिन के भीतर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना होता है। 21 से 30 दिन के भीतर नगर निगम में दो रुपये जुर्माने के साथ प्रमाण पत्र बना सकते हैं। यदि तय समय के बाद भी प्रमाण पत्र नहीं बनता है तो उसे सीएमओ कार्यालय भेजा जाता है। यहां जांच के बाद ही प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है। तय समय पर बड़े पैमाने पर मृत्यु प्रमाण-पत्र नहीं बन रहे हैं। मंगलवार को ऐसे प्रमाण पत्रों की संख्या लगभग 300 पहुंच गई है। इसमें सबसे ज्यादा मामले जोन छह से हैं। मृत्यु प्रमाण पत्रों ...
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