बेगुसराय, जून 15 -- बखरी, निज संवाददाता। मृत्यु के उपरांत अंगदान या नेत्रदान के माध्यम से किसी दूसरे व्यक्ति को जीवनदान देना सबसे बड़ी मानव सेवा है। यह कार्य अतुलनीय और प्रेरणादायक है। यह बात राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय कुमार सरावगी ने मक्खाचक गांव में दधीचि देहदान समिति के क्षेत्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर कहीं। मंत्री ने कहा कि बिहार में इस संस्था की शुरुआत वर्ष 2013 में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी एवं पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद के नेतृत्व में हुई थी। संस्था आज भी उल्लेखनीय कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने देहदान के लिए संकल्पित लोगों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए। संस्था के राष्ट्रीय सचिव पद्मश्री विमल जैन ने कहा कि बिहार में अभी भी करीब 16 लाख कॉर्निया की आवश्यकता है, जबकि यह संख्या बहुत कम मात्रा मे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.