दरभंगा, जनवरी 25 -- सुरहाचट्टी। विंदेश्वर राम की मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। मृतक के मोहल्ले में तो शनिवार को किसी के घर चूल्हा नहीं जला। ग्रामीणों के अनुसार दलित खेतिहर मजदूर बिदेश्वर मिलनसार था। उसकी पत्नी रीता देवी का तो रोते-रोते बुरा हाल है। उसके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की आठ पुत्रियां हैं जो डेढ़ वर्ष से लेकर 15 वर्ष तक की उम्र की हैं। सबों का प्रतिपाल सिर्फ बिंदेश्वर ही अपनी मजदूरी से करता था। अपनी सभी पुत्रियों को आगोश में समेटे मृतक की पत्नी का विलाप सुन ढाढस बंधाने पहुंची महिलाएं भी रो पड़ती हैं। सभी महिलाएं रोते हुए कहती हैं कि अब यह अपनी बच्चियों के साथ पहाड़ सा जीवन कैसे व्यतीत करेगी। अपने परिवार का लालन-पालन कैसे करेगी। पूरे परिवार का लालन-पालन अकेला बिंदेश्वर ही अपनी मजदूरी से करता था। अब उसकी मौत के बाद ...
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