सहरसा, फरवरी 22 -- कहरा, विजय झा/ एक संवाददाता। कभी मूंग (दाल) का कटोरा कहने बाले धेमरा नदी के पूरब स्थित बहियार में मूंग के खेतों के रकवा में अप्रत्याशित कमी हो रहीं है। किसान मूंग की खेती की जगह मखाना की खेती पर जोर देने लगे हैं। जलजमाव व अधिक नमी रहने से मूंग के नहीं बो पाने के कारण किसानों ने यह रूख अख्तियार किया है। जानकारी के अनुसार कहरा प्रखंड के बनगांव, बलहा, देवना गोपाल, बलहा एराजी , गढ़िया एराजी, भुसवर डीह, चैनपुर राजस्व गांव के धेमरा नदी के पूरब स्थित अधिकतर बहियार में सैकड़ों एकड़ खेत में मूंग की खेतीवाड़ी किया जाता था। अन्य फसलों की अपेक्षा मूंग की खेती में कम लागत एवं अच्छा उपज होता था। लेकिन मूंग की खेतीवाड़ी किए जाने बाले खेतों में अभी भी जल जमाव एवं ज्यादे नमी रहने के कारण धेमरा नदी के पूरब स्थित बहियारों के अधिकतर खेतों में अ...