लातेहार, फरवरी 2 -- बेतला प्रतिनिधि । मुस्लिम धर्मावलंबियों के रहमत की बारिश का पर्व शब-ए-बारात मंगलवार को है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक माह-ए-शाबान का शब-ए-बारात की तिथि बेहद खास है। मान्यता है कि इसदिन रोजा रख इबादत करने से खुदा काफी खुश हो रोजेदारों और उनके पूर्वजों के सभी गुनाहों को माफ कर देते हैं। यही वजह है कि इस्लाम धर्मावलंबी इसदिन रोजा रख अपने पुरखों को याद और उनके गुनाहों को बख्शने के लिए इबादत कर खुदा से दुआ मांगते हैं। इधर शब-ए-बारात को लेकर मस्जिद-ए-अजीजिया सरईडीह के इमाम अब्दुल हन्नान जौहर ने घरों, मस्जिदों, कर्बला, कब्रिस्तानों की अच्छी तरह से साफ-सफाई और सजाए जाने की बात बताई।

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