शामली, अक्टूबर 7 -- शामली। अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पदाधिकारियों ने सोमवार को डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने प्रदेश में शासन-प्रशासन द्वारा मुस्लिम समाज पर हो रहे कथित अत्याचारों, जुल्मों और भेदभावपूर्ण कार्रवाइयों पर रोक लगाने की मांग की। पार्टी पदाधिकारियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक, संवैधानिक एवं पंथनिरपेक्ष गणराज्य है, जहां प्रत्येक नागरिक को गरिमामय जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। किंतु वर्ष 2014 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से देश में धार्मिक उन्माद और आपसी वैमनस्यता का वातावरण बनाया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में बीते आठ वर्षों से धर्म के नाम पर उन्माद फैलाकर इस्लाम को मानने वालों को निशाना ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.