बदायूं, फरवरी 28 -- हर साल की तरह इस साल भी बाबा फरीद के पोते कुतबे बदायूं मुफ्ती शाह मोहम्मद इब्राहिम फरीदी का दो रोजा उर्स शानो शौकत के साथ संपन्न हुआ। कुल की फातिहा के दौरान मुल्क और कौम की तरक्की के लिए दुआयें की गयी। उर्स में पहुंचे लोगों ने गुल एवं चादरपोशी कर इबादत की। उर्स के दूसरे दिन गुरुवार को सुबह नौ बजे कुरआन ख्वानी के बाद नतिया महफिल का इनकाद किया गया। कुल की फातिहा से पहले उलेमाओं ने खिताब फरमाया। साहिबे सज्जादा खानकाह आबादानिया, फरीदिया बदायूं शरीफ, हजरत मौलाना मोहम्मद अनवर अली फरीदी (सुहैल फरीदी)ने बड़ा इल्मी बसीरत अफरोज बयान से हाजरीन को दिलों में ईमान की रोशनी पैदा की। हमेशा की तरह इस बार भी बुखारी शरीफ की पहली हदीस इन्नमल आमा लो बिन नियत से अपने बयान का आगाज किया। शहजाद ए गिरामी सुहैब फरीदी, कारी हजरत अब्दुर्रसूल, डॉ. ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.