मुख्य संवाददाता, फरवरी 7 -- ताजनगरी आगरा में जालसाजी का बड़ा मामला सामने आया है। जब 13 साल पहले मृत घोषित शख्स सड़क पर स्कूटी चलाता दिखा। कोर्ट में चल रहे धोखाधड़ी के केस में कुर्की पूर्व नोटिस जारी होने पर आरोपी को मृत दिखा दिया था। कोर्ट ने मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर मामला निरस्त कर दिया। लेकिन 13 साल बाद खुद को मृत दर्शाने वाला स्कूटी चलाते सड़क पर मिल गया। वादी पक्ष ने फोटो खींच लिया। और कार्रवाई के लिए एक बार फिर कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है। आरोप लगाया है कि मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी था। गवाहों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। कोर्ट को गुमराह किया गया था। कोर्ट ने पुलिस को आदेशित किया है कि आरोपित को प्रस्तुत किया जाए। वरिष्ठ अधिवक्ता समीर भटनागर ने बताया कि अप्रैल 1999 में घटिया आजम खां निवासी मदनगोपाल ने कोर्ट में केस ...
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