चतरा, जनवरी 12 -- इटखोरी प्रतिनिधि। इटखोरी प्रखंड में प्रज्ञा आजीविका सखी मंडल की प्रीति कुमारी व अन्य दीदियों के लिए मुर्गी पालन रोजगार का एक बेहतर विकल्प साबित हो रहा है। यह महिला किसानों के लिए कैश क्रॉप की तरह होता है. मुर्गी पालन में जब भी जरूरत होती है किसान जब भी चाहे इसे बेचकर पैसे कमा सकते हैं। मालूम हो कि गांवों में दशकों से मुर्गी पालन ग्रामीण किसान परिवारों के जीवन का हिस्सा रहा है. हालांकि बदलते वक्त के साथ इसमें अब परिवर्तन आ गया है.अब कई परिवार ऐसे हैं जो मुर्गीपालन छोड़ चुके थे या शौकिया तौर पर एक या दो मुर्गी रखते थे। पर अब एक बार फिर से पुराना वक्त लौट रहा है । दरअसल सोनाली प्रजाति की मुर्गियां सामान्य प्रजाति की मुर्गियों से काफी अलग होती हैं. इनका स्वाद अच्छा होने से बाजार में इनका मूल्य भी अच्छा मिल जाता है, जबकि बीमार...