संभल, फरवरी 22 -- जनपद में आलू, गेहूं और धान की लकीर के फकीर बने रहने के दिन अब लद गए हैं। जिले के किसानों के भीतर अब कुछ खास करने की अलख जागी है। मिट्टी से सोना उगाने वाले किसान अब स्ट्रॉबेरी की खेती करके अपनी किस्मत बदल रहे हैं। स्ट्रॉबेरी विकास योजना के तहत इस साल जिले के 35 किसानों ने इस विदेशी फल की बागवानी का बीड़ा उठाया है। सरकार की ओर से मिले 25 हेक्टेयर के लक्ष्य और किसानों के निजी प्रयासों से जिले में लगभग 100 हेक्टेयर जमीन पर स्ट्रॉबेरी की फसल हो रही है। जिला उद्यान अधिकारी सौरभ बंसल ने बताया कि स्ट्रॉबेरी की खेती अन्य पारंपरिक फसलों के मुकाबले महंगी जरूर है, लेकिन इसका मुनाफा किसानों को मालामाल कर देने वाला है। एक हेक्टेयर में लगभग 12 से 13 लाख रुपये की लागत आती है। जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा लेबर कॉस्ट और पुणे व हिमाचल से आने वा...
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