वाराणसी, जनवरी 30 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति देखकर मैं यहां बैठे-बैठे ही अपने स्कूल के दिनों में खो गया था। यह कहना है दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर का। वह शुक्रवार को बनारस लिट् फेस्ट का उद्घाटन करने के बाद ताज होटल में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने जीवन के पहले नाटक की स्मृति साझा करते हुए बताया कि किस तरह उन्हें पृथ्वीराज चौहान की भूमिका के लिए चुना गया था, जबकि जयचंद की भूमिका दूधवाले के बेटे नंदू को मिली थी। मुझे चुनने की 'क्वालिफिकेशन' बस इतनी थी कि मैं गोरा और पतला था। यह कहते हुए वे हँसी के साथ उस मासूम तर्क को याद करते रहे, जिसने उनके अभिनय जीवन की पहली सीढ़ी रखी। उस नाटक में मेरा संवाद था "चला जा, चला जा, तू बकवास ना कर" जिसे तीन बार बोलना था और हर बार जयचंद को गिरना था। दो बार तो मैं ...