दतिया, दिसम्बर 12 -- नहीं. मुझे कलेक्टर साहब से ही मिलना है। अरे मैं ही हूं साहब... ये बातचीत मध्यप्रदेश के दतिया के कलेक्ट्रर और एक बुजुर्ग के बीच हुई। दरअसल एक बुजुर्ग जनसुनवाई के दौरान अपनी अर्जी लेकर कलेक्टर के पास पहुंचा। बुजुर्ग जिले के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े को नहीं पहचान पाया। वो बार-बार कलेक्टर से मिलने की जिद कर रहा था और वानखेड़े सादगी भरे अंदाज में उसे समझा रहे थे कि वही कलेक्टर हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है। लोग आईएएस अफसर की सादगी की तारीफ कर रहे हैं। मामला दतिया के जिला कलेक्ट्रेट ऑफिस का है। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान इंदरगढ़ क्षेत्र के एक बुजुर्ग अपनी पेंशन से जुड़ी समस्या लेकर पहुंचे। उनकी बारी आई तो वे सामने खड़े युवा अधिकारी से अपनी अर्जी सौंपने में हिचकिचाने लगे। View this pos...