लखनऊ, जनवरी 19 -- राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह सम्मेलन विधायी आचरण को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि चार-पांच दिन चलने वाले सदन में सभी विधायकों को बोलने का मौका नहीं मिलता है। जब लोकसभा अध्यक्ष खुद कह रहे हैं कि सदन ज्यादा दिन चलना चाहिए तो मैं उम्मीद करती हूं कि सदन ज्यादा दिन चलेगा। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी सदन के संचालनकर्ता के साथ लोकतंत्र की आत्मा के संरक्षक होते हैं। संसदीय परंपराओं के विकास और सुदृढ़ीकरण में उत्तर प्रदेश की भूमिका सदैव विशिष्ट, प्रेरक व मार्गदर्शक रही है। राज्यपाल ने कहा कि सार्थक संवाद के माध्यम से जनता की समस्याओं का समाधान हो, यह सबकी जिम्मेदारी। उन्होंने कहा कि विचारशील लोकतंत्र की अपनी चुनौतियां भी हैं। आनंदीबेन ने कहा कि हमारा साझा लक्ष्य शक्तिश...
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