मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 4 -- अनामिका, मुजफ्फरपुर। मसाने में खेले होरी दिगंबर, मसाने में खेले होरी। भूत पिशाच बटोरी दिगंबर, खेले मसाने में होरी..। निर्गुण गीत को अपने खास अंदाज में सुनाने वाले महान गायक पं. छन्नूलाल मिश्र का मुजफ्फरपुर से गहरा नाता रहा। पूरी दुनिया में शास्त्रीय गायक के रूप में विख्यात पद्म भूषण प. छन्नूलाल मिश्र ने बचपन से लेकर जवानी की शुरुआत का समय मुजफ्फरपुर में ही बिताया। पं. छन्नूलाल मिश्र (89 वर्ष) का गुरुवार को (दो अक्तूबर) तड़के साढ़े चार बजे यूपी के मिर्जापुर में निधन हो गया। वह पिछले काफी दिनों से बीमार थे और अपनी सबसे छोटी बेटी के परिवार के साथ रह रहे थे। मुजफ्फरपुर से संगीत शिक्षा पाकर बनारस को संगीत साधना का केंद्र बनाने वाले पं. छन्नूलाल शास्त्रीय संगीत के चंद ऐसे कलाकारों में से एक हैं जिन्हें सर्वप्रथम पद्मश्र...
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