मुजफ्फर नगर, फरवरी 17 -- मुजफ्फरनगर। शहर में तेजी से बढ़ती आबादी के बीच गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अपना आशियाना अब सपना बन गया है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने 29 वर्षों में एक भी कालोनी विकसित नहीं की, जबकि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने मुजफ्फरनगर व खतौली एक-एक कालोनी विकसित की हुई है। जबकि प्राइवेट बिल्डर टाउनशिप विकसित कर मुनाफा कमा रहे हैं, लेकिन ये आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं। जिला मुख्यालय में लाखों की आबादी होने के बावजूद किफायती आवास की भारी कमी है। एमडीए के पास पिछले 29 वर्षों में लैंड बैंक तक तक नहीं है। कई बार आवासीय कालोनी बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण की योजना तैयार की गई लेकिन आज तक किसानों ने भूमि अधिग्रहण नहीं हो पाया। देखा जाए तो मुजफ्फरनगर में सरकारी योजनाएं कागजों तक सीमित हैं। प्राइवेट बिल्डरों न...
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