मिर्जापुर, मार्च 4 -- मिर्जापुर, संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बिजली के निजीकरण के पीछे भारी भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे प्रभावी हस्तक्षेप कर निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त कराने की कृपा करें। संघर्ष समिति के आह्वान पर बिजली कर्मचारियों ने लखनऊ में शक्ति भवन, मुख्यालय का घेराव किए। इससे ट्रांजैक्शन कन्सल्टेंट नियुक्त करने की टेक्निकल बिड नहीं खोली जा सकी। वहीं जिला मुख्यालय पर सोमवार को मुख्य अभियंता कार्यालय के सामने बिजली कर्मचारियों ने धरना देकर विरोध जताया। कहाकि बिजली विभाग का निजीकरण कदापि नहीं करने दिया जाएगा। इसके विरोध में कर्मचारियों का आंदोलन अंतिम दम तक चलता रहेगा। यदि सरकार तत्काल इस मामले पर रोक नहीं लगाती है तो कामकाज ठप कर दिया जा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.